जिला मुख्यालय के डीबी अस्पताल का आपातकालीन भवन। तीन रोज पहले यहां ताला लटका था। शुक्रवार को मुख्य द्वार के आगे गार्ड खड़ा था। अंदर चिकित्साकर्मी चहल-कदमी कर रहे थे। कोरोना वैक्सीनेशन के ट्रायल के लिए तीन-चार दिन पहले ही इसे तैयार किया गया था। ड्राय रन को लेकर आपातकालीन भवन के ग्राउंड फ्लोर का एक हिस्सा पूरी तरह जैसे आइसोलेट किया गया था।
सुबह 10 बजते ही हलचल तेज हो गई। वैक्सीनेशन के लिए कोरोना वॉरियर्स के आने का सिलसिला शुरू हो गया। पूरे 37 मिनट की प्रक्रिया में दो डॉक्टर और 10 नर्सिंग स्टाफ की टीम को तैनात किया गया था। पूरी तरह मुस्तैद इसी टीम ने 25 वॉरियर्स का वैक्सीनेशन किया। शुक्रवार को चूरू के डीबी अस्पताल के आपातकालीन भवन के अलावा सातड़ा एवं भालेरी सीएचसी में ड्राय रन किया गया। डीबीएच में डॉ. अनीश कुरैशी व अरविंद पूरी तरह मुस्तैद रहे। उन्होंने खुद टीका लगाया।
वैक्सीनेशन का लाइव : रजिस्ट्रेशन होने से लेकर टीका लगाने तक पूरी प्रक्रिया पर डॉक्टरों ने रखी पैनी नजर
मोबाइल एप के जरिए रजिस्ट्रेशन : वैक्सीनेशन के लिए 25 लोगों ने मोबाइल एप के जरिए स्वयं का रजिस्ट्रेशन कराया। इसके साथ ही उनके मोबाइल पर ओटीपी जनरेट हुआ। इसी ओटीपी के जरिए वैक्सीनेशन का ड्राय रन संपन्न होना था।
थर्मल स्कैनिंग : सुबह 10 बजे सबसे पहले आशा सहयोगिनी लीलावती थी। एंट्री पर पहुंची। यहां टीम वन ने उनकी थर्मल स्कैनिंग की। अपनी ओर से मास्क दिया। पूरी तरह सेनेटाइज किया। सुबह 10.01 बजे- प्रवेश करते ही टीम टू ने उनके रजिस्ट्रेशन की जांच की। आशा के मोबाइल पर आए ओटीपी का मिलान किया गया।
इस पूरी प्रक्रिया में अधिकतम एक मिनट का समय लगा। इसके बाद दूसरी वॉरियर आशा संतोष थी, जो यहां रजिस्ट्रेशन जांच एंट्री पर पहुंची। यह समय सुबह 10:02 बजे का था। इसी तरह सभी 25 वॉरियर्स का रजिस्ट्रेशन किया गया और उनके आधार कार्ड समेत सभी आवश्यक दस्तावेज की जांच की गई।
सुबह 10.03 बजे- रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करने के बाद आशा लीलावती ने वैक्सीनेशन सेंटर के अंदर प्रवेश किया, जहां टीका लगाने की तैयारी पूरी की गई थी। रजिस्ट्रेशन होने के साथ ही एक मोबलाइजर आशा के साथ थी, जो उन्हें टीका लगाने वाले स्थान तक लेकर गई। यहां डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ ने उन्हें टीका लगाया। इस दौरान डॉक्टर उन्हें मोटीवेट करते रहे। इस पूरी प्रक्रिया में करीब तीन से चार मिनट का समय लगा।
सुबह 10.07 बजे- मोबलाइजर आशा लीलावती को ऑब्जर्वर रूम में ले गए। यहां सभी हैल्थ वॉरियर्स के लिए 30 मिनट का समय निर्धारित था। उन्हें डॉक्टर्स की टीम ऑब्जर्व कर रही थी। उनकी हर हरकत यानी बॉडी लेंग्वेज पर नजर रखी जा रही थी। आशा को यहां पूरी 30 मिनट बैठाया गया और वे 10:37 बजे इस रूम से बाहर निकली। शेष सभी की प्रक्रिया पूरी होते-होते करीब 45 मिनट लगे। यानी 10 बजे शुरू हुआ ड्राय रन करीब 10.45 बजे तक पूरी तरह संपन्न हो गया।
भालेरी अस्पताल में वैक्सीन के ड्राय रन की कलेक्टर ने समीक्षा की
भालेरी के सरकारी अस्पताल में शुक्रवार को चिकित्सा विभाग की ओर से कोरोना वैक्सीन की पूर्व तैयारियों को लेकर ड्राय रन हुअा। इस दाैरान चिकित्सा अधिकारियों व स्वास्थ्यकर्मियों ने कोविड-19 वैक्सीन लगाने व रख-रखाव की तैयारियां पूरी की। वैक्सीन लगाने से पूर्व की तैयारियों का अभ्यास भी किया गया।
कलेक्टर सांवरमल वर्मा, अति. सीएमएचओ डॉ. भंवरलाल सर्वा, आरसीएचओ डॉ. अनीश, बीसीएमओ डॉ. अखिलेश शर्मा ने तैयारियों का जायजा लेकर समीक्षा की। कलेक्टर ने कहा कि भारतीय वैज्ञानिकों ने कड़ी मेहनत कर वैक्सीन तैयार की है, जो पूरी तरह से सुरक्षित और कारगर है। अस्पताल प्रभारी डॉ. जैसल सिंह ने कहा कि वैक्सीनेशन के पहले चरण में स्वास्थ्यकर्मियों का टीकाकरण किया जाएगा।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3hXflip

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें