सैंपऊ सीएचसी गेट पर प्रसव होने और उसके बाद एएनएम को बुलाने पर भी स्टाफ स्ट्रेचर लेकर नहीं आने और मजबूरन परिजनों द्वारा प्रसूता को टंगा-टोली करके वार्ड में भर्ती करवाने के मामले को लेकर जिला कलेक्टर राकेश कुमार जायसवाल गंभीर हो गए हैं। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच करवाने के लिए बीसीएमएचओ डॉ.वीरेन्द्र भास्कर को जांच अधिकारी नियुक्त किया है।
बीसीएमएचओ को तीन दिन में मामले की जांच करके रिपोर्ट जिला कलेक्टर को सौंपनी होगी। कलेक्टर राकेश कुमार जायसवाल ने बताया कि जिला प्रशासन व चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस प्रकरण में अगर कोई कार्मिक दोषी पाया जाता है तो उस पर कठोर कार्यवाही की जाएगी। कलेक्टर ने बताया कि प्रसूता और नवजात शिशु एकदम स्वस्थ हैं।
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