निकाय चुनावों के लिए भले ही अभी तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन नगरपरिषद वार्डों के आरक्षित होने के बाद स्थित साफ हो गई है कि कौन से वर्ग का प्रत्याशी किस वार्ड से चुनाव लड़ सकता है। नगरपरिषद चुनाव इस बार 60 वार्डों के लिए होगा। ऐसे में इस बार अधिक युवा प्रत्याशी चुनाव मैदान में देखने को मिल सकते हैं। वार्डों के आरक्षित होने के साथ युवाओं ने भी अपने क्षेत्र को तय कर लिया है और सक्रिय होकर सोशल मीडिया में नवरात्रा की शुभकामनाएं भेजने लगे हैं। कोरोना महामारी के दौर में युवा दावेदार नवरात्रा की शुभकामनाओं के साथ ही कोरोना से बचाव की अपील कर रहे हैं। युवा दावेदारों ने भाजपा और कांग्रेस पार्टी से टिकट लेने के लिए भी जुगाड़ लगाने शुरू कर दिए हैं ।
लगातार पार्षद बनने वालों के लिए युवा प्रत्याशी बने परेशानी, समझाइश शुरू
इस बार वार्डों के छोटे और वोटरों की संख्या कम होने से युवाओं को चुनाव जीतने की ज्यादा उम्मीद लग रही है। वहीं कई वार्डों से लगातार पार्षद बनने वालों के लिए युवा दावेदार परेशानी का सबब बन रहे हैं। क्योंकि पूर्व में चुनाव जीत चुके पार्षदों को भी क्षेत्र छोटा होने से इस बार चुनाव जीतना काफी आसान लग रहा है। ऐसे में युवा दावेदारों को चुनाव न लड़ने के लिए समझाइश का दौर भी शुरू हो चुका है। जिसके लिए बैठकें भी होने लगी है। वहीं, नगरपरिषद के आगामी वार्ड चुनावों में इस बार पूर्व की तरह एक वार्ड के दो प्रबल दावेदारों को भी अलग-अलग वार्डों से लड़ने का मौका मिलेगा।
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