काेटा से करीब 36 किमी दूर दीगाेद राेड पर चंबल घड़ियाल नेशनल सेंचुरी के में काेटा-बूदीं के बीच बना करीब दाे किमी एरिया में बसे जामुनिया आईलैंड पर टूरिज्म शुरू हाेने की उम्मीद बंधी है। चंबल घड़ियाल सेंचुरी की ओर से इस आइलैंड पर टूरिस्ट बाेट संचालन के लिए प्रपाेजल बनाकर चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन काे भिजवा दिए हैं।
वहां से प्राेसेस के बाद नियमानुसार टूरिस्ट बाेटिंग संचालन की प्राेसेस शुरू हाे सकेगी। इससे यहां आने वाले टूरिस्ट काे बाेटिंग के साथ चंबल एरिया मे विभिन्न प्रकार के पक्षियाें की वाचिंग के साथ मरगमच्छाें के नजारे भी देखने काे मिलेंगे। यहां बने आइलैंड में बड़ी संख्या में जामुन के पेड़ाें पर पक्षियाें का बसेरा है। जाे टूरिस्ट के लिए खास है।
चंबल घड़ियाल सेंचुरी एरिया में यहां 10 महीने तक पानी का तेज बहाव नहीं हाेने से यह आइलैंड सुरक्षित रहता है। अगस्त और सितंबर में बाढ़ और काेटा बैराज से गेट खुलने के बाद स्थिति बिगड़ जाती है। यह भी डूब जाता है जिससे पक्षियाें का आसियाना उजड़ जाता है। यह आइलैंड बूंदी के बीरज नाैताड़ा गांव और काेटा के बालापुरा गांव की सीमा पर चंबल नदी के बीचाेंबीच हैं। ग्रामीण छीतरलाल बताते हैं कि काेटा बैराज बनने के बाद धीरे-धीरे मिट्टी के कटाव से यह आइलैंड बन गया।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3nY7HqG

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें