मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व एरिया में माता के 4 प्रमुख शक्तिपीठ हैं। जहां लाेगाें की रियासतकाल से आस्था बनी हुई हैं। यहां दर्शनार्थियाें की रिजर्व के नियमाें के अनुसार ही एंट्री हाे पाती है। इनमें मुख्यतया बाेराबास रेंज में नाहरसिंह माता, दरा रेंज में घाटी माता, जवाहरसागर रेंज में अंबारानी और काेलीपुरा रेंज में बकचाच माताजी के प्रमुख शक्तिपीठ हैं। रिजर्व की ओर से इन एरिया में एंट्री प्वाइंट पर बाॅर्डर हाेमगार्ड और फाॅरेस्ट गार्ड तैनात हैं।
जवाहर सागर: मां अंबा रानी
यह शक्ति स्थल रिजर्व एरिया के जवाहर सागर सेंचुरी एरिया में हैं। यह प्राचीन मंदिर हैं। यहां दर्शनार्थियाें की एंट्री से पहले बेरिकेट्रस खेड़ा नाका पर लगा रखे हैं। भक्ताें को रजिस्टर में एड्रेस एंट्री पर ही प्रवेश दिया जाता है।
दरा: घाटी माता
यह मंदिर मुकंदरा की दरा पहाड़ी पर है। कोटा रियासत के समय से यहां पूजा-अर्चना की परंपरा जारी हैं। यहां झालावाड़ से लेकर दरा, माेड़क, रामगंजमंडी सहित अन्य एरिया से भक्तगण नवरात्र पर आते हैं।
बोराबास: नाहरसिंही माता
रावतभाटा राेड पर बोरावास रेंज में है यह रियासतकालीन मंदिर। जो पहाड़ी की तलहटी पर बना है। भक्ताें की एंट्री काे लेकर निगरानी है। विभाग की परमिशन के बगैर यहां दर्शन नहीं है।
गिरधरपुरा: बकचाच माता
मुकंदरा रिजर्व के गिरधरपुरा गांव में यह शक्तिपीठ है। यहां माता के ओष्ठ पर बगुले की चाेंच जैसी आकृति दिखाई देती है। इसलिए इस शक्ति स्थल को बकचाच माता के नाम से जाना जाता है।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2H9luKr

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें