उत्तर प्रदेश में आवारा मवेशियों की समस्या से निपटने के लिए वरिष्ठ नौकरशाहों को लगाया गया है. सड़क या खेतों में आवारा मवेशी मिलने पर जिलों के अधिकारियों को तलब किया जाएगा. प्रदेश के सभी 75 जिलों में आईएएस अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है. नौकरशाह पांच से सात अप्रैल तक जिलों का दौरा करके आवारा पशुओं को देखेंगे.
मुख्य सचिव ने आईएएस अफसरों को मॉनिटरिंग का जिम्मा सौपा है. सौ फीसदी आवारा मवेशी गौशालाओं में हैं या नहीं, इस बाबत निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है. आवारा पशु सड़कों या खेतों में मिलने पर कारण बताने के निर्देश दिए गए हैं.
प्रदेश में आवारा पशुओं की समस्या समाप्त करने के लिए मैदान में टीम उतरेगी. पशुधन विभाग के अधिकारी भी लगाए जाएंगे.
यह भी पढ़ें -
-- शोभायात्रा के दौरान हुए दंगों का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने अर्जी दाखिल की
-- इतिहास से मुगल बाहर? CBSE और UP बोर्ड के 12वीं के पाठ्यक्रम में मुगल काल पर चली कैंची
from NDTV India - India https://ift.tt/RxorG52

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें