आयुक्तालय काॅलेज शिक्षा जयपुर के निर्देशानुसार महाविद्यालय के रसायन शास्त्र विभाग द्वारा एक वेबिनार का आयोजन किया गया जिसका विषय कैमिस्ट्री इन डेली लाइफ रहा। वेबिनार के बारे में बताते हुए प्राचार्य डाॅ एसके जैन ने वेबिनार के विषय के बारे में बताया कि रसायनों का दैनिक जीवन में उपयोग सावधानी पूर्वक करना चाहिए। इनके समुचित प्रयोग से जीवन को सुगम बनाया जा सकता है। किन्तु असावधानी पूर्वक एवं बिना सोचे समझे किए गए उपयोग से ये घातक भी सिद्ध हो सकते हैं।
कृषि कार्य में पेस्टीसाइड, इन्सेक्टिसाइट तथा रसायनिक खादों के प्रचुर मात्रा में उपयोग से कैंसर, लीवर एवं आंतों के संक्रमण आदि की समस्या में बढ़ोतरी हुई है। कृषि में अधिकतम जैविक खेती को बढ़ावा देने की बात उन्होंने कही। इसके अतिरिक्त रीसाइकिल्ड पाॅलीथिन के उपयोग को न्यूनतम करने के बारे में सभी को जागृत करने पर बल दिया। रसायन शास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ. एम.के. सिंह ने अपने वक्तव्य में जल के रासायनिक पक्षों एवं दैनिक जीवन में इसके अनुप्रयोगों को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा की जल ही जीवन है।
डाॅ मनीषा सक्सेना ने दैनिक जीवन में उपयोग में ली जाने वाली औषधियों के रासायनिक पक्ष एवं इनकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। इस वेबिनार के मुख्य वक्ता देशमुख सिंह ने अपने उद्बोधन में दैनिक जीवन में चिकित्सा रसायन में प्रयोग की जाने वाली औषधियों को बताते हुए खाद्य सामग्री के परिरक्षण में उपयोग किये जाने वाले रसायनों एवं शोधन अभिकर्मकों के रूप में प्रयोग किए जाने वाले साबुन एवं अपमार्जक की उपयोगिता पर बल दिया।
साथ ही दैनिक जीवन में रसायनों का उपयोग पर्यावरण हितैषी होने के साथ-साथ चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार करने पर जोर दिया। कार्यक्रम का तकनीकी संचालन कर रहे डाॅ. पुरुषोत्तम लाल ने दैनिक जीवन में रसायन की उपयोगिता पर संक्षेप में विचार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। इस वेबिनार में महाविद्यालय के संकाय सदस्यों के साथ-साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थी ऑनलाइन उपस्थित रहे। इस बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि किसानों को अब रासायनिक बिल्कुल बंद कर देने की कहा।
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