ताजमहल के बाद चित्तौड दुर्ग का विजयस्तंभ देश का दूसरा ऐसा स्मारक बन जाएगा। जहां मातृत्व कक्ष भी होगा। यानी यहां पर्यटक महिलाएं अपने शिशुओं को स्तनपान करा सकेगी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने विश्व धरोहर चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर महिला पर्यटकों के नवजात बच्चों के लिए स्तनपान कक्ष बनवाने का फैसला किया है।
एएसआई ने इसके लिए विजय स्तंभ परिसर को चिन्हित किया है, जहां पर्यटकों की सर्वाधिक चहल-पहल रहती है। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय से आदेश जारी होने के बाद पुरातत्व विभाग ने विजयस्तंभ के पास पुराने टिकट विंडो भवन को इसके लिए चयन किया। अब इसे स्तनपान कक्ष के रूप में बदलने के आवश्यक कार्य के लिए टेंडर कर काम शुरू कर दिया। संभवतया जुलाई तक यह सुविधा शुरू हो जाएगी।
एएसआई के कनिष्ठ संरक्षण सहायक तिलकसिंह ने बताया कि पंखे, लाइट, कुर्सियां आदि के साथ मां-बच्चे के आराम को ध्यान में रखते हुए रूम तैयार किया जाएगा। विजयस्तंभ के सामने कैफेटेरिया के पीछे नए सिरे से सुविधाघर बनाने का कार्य भी चल रहा है। उल्लेखनीय है कि एएसआई के संरक्षित स्मारकों पर गत साल हर महिला दिवस 8 मार्च को महिलाओं के लिए निशुल्क प्रवेश की सुविधा भी दी गई थी।
महिलाओं की परेशानी ध्यान में आने पर संस्कृति मंत्रालय ने दिए थे निर्देश
एएसआई अधिकारियों का मानना है कि प्राचीन स्मारकों पर भ्रमण के दौरान एक मां को अपने शिशु को स्तनपान कराने में काफी दिक्कत होती है। जब यह मामला केंद्र सरकार के ध्यान में आया तो गत साल केंद्रीय संस्कृति मंत्री ने सभी संरक्षित स्मारक स्थलों पर इसके लिए एक विशेष कक्ष बनवाने का ऐलान किया था। सबसे पहले ताजमहल पर यह काम पूरा हुआ। इसके बाद संभवतया चित्तौड़ दुर्ग दूसरा ऐसा हैरिटेज होगा, जहां यह कक्ष सबसे पहले तैयार होगा।
दो साल पहले ताजमहल पर एक परिवार की उलझन देख महिला अधिकारी ने दिखाई राह
दो साल पहले आगरा के ताजमहल परिसर में एक महिला अपने बच्चे को दूध पिलाना चाहती थी। उसने इधर-उधर देखा, फिर एक सीढ़ी के नीचे जाकर बैठ गई। उसका पति कवर देने के लिए उसके पास खड़ा हो गया। यह दृश्य एक महिला अधिकारी ने देखा तो उच्चाधिकारियों को बताया। इसके बाद ही इस संबंध में निर्देश जारी हुए। केरल में माताओं के लिए स्तनपान को आसान बनाने के लिए अलुवा मेट्रो रेल स्टेशन पर नर्सिंग पॉड की शुरुआत हुई थी।
Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3sc6gH8

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें