भारतीय फोरेस्ट सेवा (आईएफएस) में नए मुखिया का नाम इसी महीने तय होना है। दौड़ में चार नाम हैं। इनमें कांग्रेस सरकार के नजदीकी और एपीसीसीएफ डीएन पांडे का नाम काफी चर्चा में रहा है। लेकिन उनसे ऊपर दो पीसीसीएफ हैं। वो खुद भी सीनियर अधिकारियों को लांघ इस पद पर आने के इच्छुक नहीं बताए जा रहे हैं। न ही लॉबिंग की। उनके पास क्रमबद्ध हॉफ बनने के बाद भी दो साल का समय रहेगा।
अब तीन आईएफएस रह जाते हैं, जिनमें मौजूदा वन विभाग के मुखिया जीवी रेड्डी का कार्यकाल इस महीने पूरा हो रहा है। रेड्डी 17 जनवरी 2020 से इस कुर्सी पर हैं। कुछ महीने सरकार ने इन्हें चार्ज नहीं सौंपा था। आखिरकार सरकार को जिस तरह उन्हें कुर्सी सौंपनी पड़ी, उस लिहाज से उनके एक्सटेंशन की चर्चा जरूर है।
इनके बाद पद के दो अहम दावेदार पीसीसीएफ हैं। इनमें 1987 बैच की आईएफएस और पीसीसीएफ श्रुति शर्मा अगली हैड ऑफ द फॉरेस्ट (हॉफ) हो सकती हैं। इन्हीं के बैचमैट मोहनलाल मीणा भी पीसीसीएफ हैं। दोनों 31 जुलाई 2021 में रिटायर होंगें। ऐसे में अगले हॉफ के पास 9 महीने का टाइम रहेगा। दो दिन पहले पद की स्क्रीनिंग हो चुकी है।
महिला अधिकारी के पक्ष में परिस्थितियां
बीजेपी सरकार में बतौर महिला अधिकारी इससे पहले सविता आनंद केवल दो दिन के लिए हॉफ रही थीं। इसके बाद वो दिल्ली (रेजीडेंट कमिश्नर) चलीं गईं और उनका चार्ज एसएस चौधरी को मिला था। अब श्रुति शर्मा को महिला अधिकारी और सीनियर मोस्ट के तौर पर कुर्सी का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। दो दिन पहले स्क्रीनिंग में केन्द्र की ओर से हरियाणा की महिला पीसीसीएफ आईं थीं। प्रमुख सचिव भी महिला ही है।
दूसरे दावेदार भी मोहनलाल मीणा दूसरे प्रबल दावेदार हैं, जो कि महुआ के ही हैं। इनकी छवि मजबूत प्रशासक के तौर पर है। ये बात इनके पक्ष में है और सरकार तक बात भी पहुंची है। अभी तक 23 पोस्टिंग के तौर पर राजस्थान में काम का अनुभव, जिसमें वाइल्डलाइफ भी शामिल है। मीणा के पास वर्किंग प्लान और फॉरेस्ट सेटलमेंट का काम है।
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